वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने PPF खाताधारकों के लिए लिया बड़ा फैसला, जानिए अब चीज बदलने पर नहीं लगेगा शुल्क…….

जरूरी सुचना :
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) खाताधारकों के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लिया एक अहम फैसला। अब PPF खातों में नामांकन (नॉमिनी) बदलने या अपडेट करने के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण:
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के लिए गए फैसले के तहत अब PPF खातों में नामांकन (नॉमिनी) बदलने या अपडेट करने के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। यह बदलाव हाल ही में वित्तीय संस्थानों द्वारा इस प्रक्रिया के लिए शुल्क वसूलने की शिकायतों के बाद किया गया है। सरकार ने इस बदलाव को लागू करने के लिए गवर्नमेंट सेविंग्स प्रमोशन जनरल रूल्स 2018 में संशोधन किया है और इसकी अधिसूचना 2 अप्रैल 2025 को जारी की गई है।
जाने PPF के बारे में :
सुरक्षित निवेश की तलाश करने वाले लोगों के बीच प्रचलित PPF एक बेहद लोकप्रिय छोटी बचत योजना है।जो विशेष रूप से सुरक्षित निवेश की तलाश करने वाले लोगों के बीच प्रचलित है। 2024 तक भारत में PPF के 7 करोड़ से अधिक सक्रिय खाते हैं और इन खातों में जमा राशि 8 लाख करोड़ रुपये से भी अधिक है। पहले PPF खातों में नामांकन बदलने या अपडेट करने पर 50 रुपये का शुल्क लिया जाता था। लेकिन अब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के लिए गए फैसले के तहत इसे पूरी तरह से हटा दिया गया है। बजट नोटिफिकेशन में स्पष्ट किया गया है कि गवर्नमेंट सेविंग्स प्रमोशन जनरल रूल्स 2018 की schedule में “नामांकन रद्द करने या बदलने” के लिए शुल्क अब लागू नहीं होगा। यह संशोधन 2 अप्रैल 2025 से प्रभावी हो गया है।
बैंकिंग संशोधन:
बैंकिंग संशोधन विधेयक 2025 के तहत खाताधारकों के लिए एक और राहत मिली है। अब बैंक खातों, सुरक्षित रखी वस्तुओं और सेफ्टी लॉकर्स के लिए एक साथ चार नॉमिनी नियुक्त किए जा सकते हैं। इससे खाताधारकों को अपनी संपत्ति के प्रबंधन में अधिक लचीलापन मिलेगा और परिवार के विभिन्न सदस्य भी नामांकित हो सकेंगे। यह बदलाव भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा अनावश्यक शुल्कों पर सवाल उठाए जाने के बाद किया गया है।
ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के PPF खाताधारकों को मिलेगी शुल्क से राहत :
इस कदम को वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के रूप में देखा जा रहा है खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के PPF खाताधारकों के लिए जो अक्सर छोटे-छोटे शुल्कों से परेशान होते हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस फैसले से PPF खाताधारक हर साल नामांकन से जुड़े शुल्कों पर 100 करोड़ रुपये से अधिक की बचत कर पाएंगे। यह 2019 के बाद PPF नियमों में किया गया पहला बड़ा बदलाव है जब खाते की अवधि को और लचीला बनाया गया था।
अधिक शिकायतें दर्ज के बाद उठाया गया यह कदम :
2024 में एक संसदीय रिपोर्ट में छोटी बचत योजनाओं पर लगाए गए शोषणकारी शुल्कों की आलोचना की गई थी जिसके बाद यह अहम कदम उठाया गया। साथ ही बैंकिंग संशोधन विधेयक 2025 ने भी जमा करने वालों के अधिकारों को मजबूत किया है क्योंकि 2024 में नामांकन के गलत प्रबंधन से जुड़ी 15,000 से अधिक शिकायतें दर्ज की गई थीं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का यह फैसला भरोसा और पारदर्शिता को देगा बढ़ावा :
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का यह फैसला न केवल PPF खाताधारकों के लिए राहत लेकर आया है बल्कि वित्तीय प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वास को भी बढ़ाने में मदद करेगा। इस निर्णय से PPF जैसी छोटी बचत योजनाओं में निवेश को और अधिक आकर्षक बनाया जाएगा और यह निवेशकों के बीच बेहतर विश्वास और संतुष्टि पैदा करेगा। खासतौर पर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के PPF खाताधारकों को मिलेगी शुल्क से राहत।