Movie prime

RBI के पूर्व अफसर को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 3 करोड रुपए ठगे, पुलिस ने किया मामला दर्ज

 
RBI के पूर्व अफसर को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 3 करोड रुपए ठगे, पुलिस ने किया मामला दर्ज

Cyber Fraud Noida: देश में हम प्रतिदिन अखबारों में ठगी के मामले पढ़ते रहते हैं। इन ठगों से बचने हेतु रिजर्व बैंक भी समय-समय पर बैंक ग्राहकों को सचेत करता रहता है। लेकिन जब रिजर्व बैंक (RBI) के अफसर भी इन ठगों के झांसे में आकर लुट जाएं, तो फिर आमजन अपनी सुरक्षा कैसे कर सकता है। जी हां ठगी का जो मामला सामने आया है, वह रिजर्व बैंक के पूर्व अवसर का है।

दिल्ली एनसीआर की नोएडा में रहने वाले रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के रिटायर्ड अधिकारी और उनकी पत्नी को साइबर ठगों ने 15 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रख 3 करोड़ रुपये ठग लिए हैं। हालांकि पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। लेकिन लोग कह रहे हैं कि जब रिजर्व बैंक (Reserve Bank) के पूर्व अधिकारी भी सेफ नहीं है तो आमजन कैसे सुरक्षित रह सकता है।

रिजर्व बैंक के पूर्व अवसर को सीबीआई का डर दिखाकर साइबर अपराधियों ने की करोड़ों रुपए की ठगी

नोएडा से रिजर्व बैंक के पूर्व अफसर के साथ जो ताकि का मामला सामने आया है उसमें जानकारी के अनुसार साइबर अपराधियों ने बुजुर्ग दंपती को सीबीआई (CBI) का डर दिखाकर करोड़ों रुपए की ठगी का शिकार बनाया। साइबर अपराधी द्वारा इस बुजुर्ग दंपत्ति से करोड़ों रुपए ऐंठनें के बाद बाकायदा आरोप मुक्त करने का फर्जी आदेश पत्र भेजकर उनके सभी फंड को वैध भी बताया गया।

पाठकों को बता दें कि साइबर ठगों ने नोएडा के सेक्टर-75 स्थित गार्डेनिया गेटवे सोसाइटी निवासी 78 वर्षीय बिरज कुमार सरकार और उनकी पत्नी से यह बड़ी धोखाधड़ी की है।

बुजुर्ग दंपति 15 दिन तक रहा डिजिटल अरेस्ट

साइबर अपराधियों ने इस बुजुर्ग दंपत्ति को 15 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट भी रखा। इस दौरान साइबर ठगों ने बुजुर्ग दंपति को 15 दिन तक सिर्फ खाने और दैनिक प्रक्रिया करने छूट दी। इतना ही नहीं इस दंपति को घरेलू सामान भी ऑनलाइन मंगाने की छूट ही दी गई। इस समयावधि के दौरान बुजुर्ग दंपति को घर से बाहर जाने की इजाजत नहीं दी गई।

आरोपियों ने दंपती को सीबीआई के डर के अलावा मनी लॉन्ड्रिंग और निवेश के नाम पर धोखाधड़ी के आरोप में लिप्त होने बात भी कही और अपने किसी परिचित या जान-पहचान वाले व्यक्ति से जानकारी साझा करने पर तत्काल गिरफ्तारी करने का डर भी दिखाया।

पीड़ित दंपति ने पुलिस को दी शिकायत

नोएडा में साइबर ठगी के शिकार हुए रिजर्व बैंक के पूर्व अवसर और पीड़ित दंपति ने इस मामले की पुलिस को शिकायत दे दी है। बुजुर्ग दंपति ने पुलिस को शिकायत देते हुए बताया कि कि उन्होंने अपने जीवन का काफी लंबा समय रिजर्व बैंक में नौकरी करते हुए व्यतीत किया है।

उन्होने बताया कि उन्हें अब भी यह विश्वास नहीं हो रहा कि उन्हें डिजिटल अरेस्ट कैसे कर लिया गया। साइबर अपराधियों ने उन्हें डिजिटल अरेस्ट करने हेतु सीबीआई, ईडी जैसी केंद्रीय एजेंसियों के साथ-साथ सर्वोच्च न्यायिक संस्थान का भी सहारा लिया।

बुजुर्ग संपत्ति द्वारा पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार साइबर ठगों ने उन्हें झांसे में लेने के लिए 3 मार्च 2025 को सुप्रीम कोर्ट के नाम से एक फर्जी आदेश भी भेजा। सुप्रीम कोर्ट के इस फर्जी आदेश पत्र में लिखा गया था कि आपके सभी फंड वैध होने और नरेश गोयल मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनके धन की कोई संलिप्तता नहीं मिलने के चलते आपकी संपूर्ण राशि 6 से 7 दिन के अंदर वापस कर दी जाएगी।

लेकिन साइबर अपराधियों द्वारा दी गई समय सीमा से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उनके खाते में रुपये नहीं आने पर बुजुर्गदंपति को ठगी होने का अहसास हुआ। इसके बाद रिजर्व बैंक के पूर्व अवसर और उनकी पत्नी ने साइबर अपराध थाने में जाकर केस दर्ज करवाया और पूरे मामले की जानकारी दी।