मनरेगा के नाम से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं: बीकानेर में कांग्रेस सेवा दल सड़कों पर उतरा
Updated: Jan 20, 2026, 18:56 IST
THE BIKANER NEWS:-बीकानेर।मनरेगा योजना का स्वरुप और नाम बदलने के फैसले के विरोध में कांग्रेस सेवा दल ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसी क्रम में बीकानेर शहर एवं देहात कांग्रेस सेवा दल ने संयुक्त रूप से व्यापक विरोध प्रदर्शन करते हुए सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए।
राजीव गांधी मार्ग स्थित नागरिक जुबली ऑडिटोरियम में आयोजित बैठक में राजस्थान कांग्रेस सेवा दल के प्रभारी गोविंद भाई सवाया, प्रदेश उपाध्यक्ष कमल कल्ला, देहात अध्यक्ष रामनिवास गोदारा, प्रदेश सचिव सुखदेव नाथ तथा राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के जिलाध्यक्ष नंदलाल जावा ने सरकार पर तीखा हमला बोला। वक्ताओं ने कहा कि मनरेगा गरीब, मजदूर और किसान की मेहनत से जुड़ी योजना है और इसका नाम बदलना सामाजिक न्याय पर सीधा प्रहार है।
नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं के नाम बदलकर इतिहास को मिटाने का प्रयास कर रही है तथा बेरोजगारी, महंगाई और ग्रामीण संकट जैसे मूल मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाया जा रहा है।
बैठक के बाद कांग्रेस सेवा दल के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने राजीव गांधी मार्ग से कलेक्ट्रेट तक जोरदार विरोध रैली निकाली। रैली में कार्यकर्ताओं के हाथों में फावड़ा, कुदाली, कड़ाही जैसे किसानों और मजदूरों के औजार थे, जो श्रम और संघर्ष का प्रतीक बने। ऊंट व बैलगाड़ियों के साथ निकली रैली ने ग्रामीण भारत की आवाज़ को सड़कों तक पहुंचाया।
कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मनरेगा के नाम के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ की गई तो कांग्रेस सेवा दल आंदोलन को और अधिक व्यापक व उग्र करेगा।
इस अवसर पर सेवादल राजस्थान प्रदेश के प्रभारी गोविंद भाई सवाया ने कहा कि सेवादल संगठन का आत्मिक रूप से मजबूत होना राष्ट्र के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से अपनी जिम्मेदारियों का पूर्ण निर्वहन करने, समितियों के गठन तथा नियमित कार्यक्रमों के आयोजन पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने सेवादल सदस्यता अभियान को तेज करने का आह्वान करते हुए बीकानेर से 1000 सदस्य बनाने तथा कम से कम पांच आजीवन सदस्य जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया।
प्रदेश उपाध्यक्ष कमल कल्ला ने कहा कि मनरेगा एक गारंटी आधारित योजना थी, जिसके तहत श्रमिकों के अधिकार सुरक्षित थे। इस योजना ने न्यूनतम मजदूरी की अवधारणा को मजबूती दी और अंधाधुंध शहरीकरण पर रोक लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने चेतावनी दी कि योजना के स्वरूप में बदलाव से ग्रामीण अर्थव्यवस्था कमजोर होगी, शहरी ढांचे पर दबाव बढ़ेगा तथा अपराध और कानून-व्यवस्था की समस्याएं उत्पन्न होंगी।
देहात अध्यक्ष रामनिवास गोदारा ने बताया कि बीकानेर में गोचर भूमि अधिग्रहण के खिलाफ चल रहे संघर्ष में सेवादल गांव सेवकों के साथ मिलकर पूरी ताकत से आंदोलन करेगा। उन्होंने खेजड़ी वृक्ष की सुरक्षा को सेवादल के पर्यावरण कार्यक्रम का अहम हिस्सा बताते हुए इसे अनिवार्य बताया।
कार्यक्रम के अंत में प्रदेश सचिव सुखदेव नाथ ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए सेवादल के विभिन्न प्रकल्पों और गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश स्तर से मिले निर्देशों की जानकारी कार्यकर्ताओं को दी। सैकड़ो कार्यकर्ताओं के कार्यक्रम में, स्वाति पारीक,असलम जावेद, शंकर बोहरा,मिश्री बाबू मेघवाल और मनोज कल्ला,बसंत व्यास विशंभर व्यास, बबला महाराज और पाठा महाराज और हिमांशु व्यास राजा काका और शिव लड्ढा मंच पर उपस्थित थे
कार्यक्रम का संचालन संगठन महासचिव मनोज व्यास ने किया।
राजीव गांधी मार्ग स्थित नागरिक जुबली ऑडिटोरियम में आयोजित बैठक में राजस्थान कांग्रेस सेवा दल के प्रभारी गोविंद भाई सवाया, प्रदेश उपाध्यक्ष कमल कल्ला, देहात अध्यक्ष रामनिवास गोदारा, प्रदेश सचिव सुखदेव नाथ तथा राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के जिलाध्यक्ष नंदलाल जावा ने सरकार पर तीखा हमला बोला। वक्ताओं ने कहा कि मनरेगा गरीब, मजदूर और किसान की मेहनत से जुड़ी योजना है और इसका नाम बदलना सामाजिक न्याय पर सीधा प्रहार है।
नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं के नाम बदलकर इतिहास को मिटाने का प्रयास कर रही है तथा बेरोजगारी, महंगाई और ग्रामीण संकट जैसे मूल मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाया जा रहा है।
बैठक के बाद कांग्रेस सेवा दल के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने राजीव गांधी मार्ग से कलेक्ट्रेट तक जोरदार विरोध रैली निकाली। रैली में कार्यकर्ताओं के हाथों में फावड़ा, कुदाली, कड़ाही जैसे किसानों और मजदूरों के औजार थे, जो श्रम और संघर्ष का प्रतीक बने। ऊंट व बैलगाड़ियों के साथ निकली रैली ने ग्रामीण भारत की आवाज़ को सड़कों तक पहुंचाया।
कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मनरेगा के नाम के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ की गई तो कांग्रेस सेवा दल आंदोलन को और अधिक व्यापक व उग्र करेगा।
इस अवसर पर सेवादल राजस्थान प्रदेश के प्रभारी गोविंद भाई सवाया ने कहा कि सेवादल संगठन का आत्मिक रूप से मजबूत होना राष्ट्र के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से अपनी जिम्मेदारियों का पूर्ण निर्वहन करने, समितियों के गठन तथा नियमित कार्यक्रमों के आयोजन पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने सेवादल सदस्यता अभियान को तेज करने का आह्वान करते हुए बीकानेर से 1000 सदस्य बनाने तथा कम से कम पांच आजीवन सदस्य जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया।
प्रदेश उपाध्यक्ष कमल कल्ला ने कहा कि मनरेगा एक गारंटी आधारित योजना थी, जिसके तहत श्रमिकों के अधिकार सुरक्षित थे। इस योजना ने न्यूनतम मजदूरी की अवधारणा को मजबूती दी और अंधाधुंध शहरीकरण पर रोक लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने चेतावनी दी कि योजना के स्वरूप में बदलाव से ग्रामीण अर्थव्यवस्था कमजोर होगी, शहरी ढांचे पर दबाव बढ़ेगा तथा अपराध और कानून-व्यवस्था की समस्याएं उत्पन्न होंगी।
देहात अध्यक्ष रामनिवास गोदारा ने बताया कि बीकानेर में गोचर भूमि अधिग्रहण के खिलाफ चल रहे संघर्ष में सेवादल गांव सेवकों के साथ मिलकर पूरी ताकत से आंदोलन करेगा। उन्होंने खेजड़ी वृक्ष की सुरक्षा को सेवादल के पर्यावरण कार्यक्रम का अहम हिस्सा बताते हुए इसे अनिवार्य बताया।
कार्यक्रम के अंत में प्रदेश सचिव सुखदेव नाथ ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए सेवादल के विभिन्न प्रकल्पों और गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश स्तर से मिले निर्देशों की जानकारी कार्यकर्ताओं को दी। सैकड़ो कार्यकर्ताओं के कार्यक्रम में, स्वाति पारीक,असलम जावेद, शंकर बोहरा,मिश्री बाबू मेघवाल और मनोज कल्ला,बसंत व्यास विशंभर व्यास, बबला महाराज और पाठा महाराज और हिमांशु व्यास राजा काका और शिव लड्ढा मंच पर उपस्थित थे
कार्यक्रम का संचालन संगठन महासचिव मनोज व्यास ने किया।

