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राजस्थान बॉडी बिल्डिंग संघ में भारी धांधली एवं पूर्व अध्यक्ष न यादव पर अवैध वसूली और फर्जीवाड़े के गंभीर आरोप!

 
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THE BIKANER NEWS:-जयपुर/बीकानेर: राजस्थान बॉडी बिल्डिंग संघ के पूर्व अध्यक्ष नवीन यादव पर पद से हटाए जाने के बावजूद संघ पर अवैध कब्जा जमाए रखने, खिलाड़ियों से लाखों रुपये की वसूली करने और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगे हैं।


बीकानेर जिला बॉडी बिल्डिंग संगम के अध्य्क्ष अरुण व्यास ने प्रेसवार्ता में करवाया अवगत साथ ही एक लिखित शिकायत के माध्यम से खेल मंत्री, राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद और सहकारिता विभाग से मामले की उच्च स्तरीय जाँच और सख्त कार्रवाई की माँग की गई है।
​शिकायत पत्र में खिलाड़ियों के हितों के साथ हो रहे कुठाराघात को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए गए हैं:
​1. पद से बर्खास्तगी के बावजूद अवैध संचालन:
शिकायत के अनुसार, 28 मई 2025 को रजिस्ट्रार सहकारी समितियां द्वारा दिए गए जाँच आदेश में दोषी पाए जाने पर 10 सितम्बर 2025 को राजस्थान बॉडी बिल्डिंग संघ पर एडहॉक कमेटी (तदर्थ समिति) बिठा दी गई थी। इसके साथ ही तत्कालीन अध्यक्ष नवीन यादव, सचिव अशोक औदिच्य और कोषाध्यक्ष राजेश यादव को 6 वर्ष के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया था। आरोप है कि नवीन यादव ने एडहॉक कमेटी को डरा-धमका कर काम नहीं करने दिया और आज भी खुद को अध्यक्ष बताकर अवैध रूप से संघ चला रहे हैं।
​2. प्रतियोगिताओं के नाम पर लाखों की वसूली:
दस्तावेज़ में बताया गया है कि नवीन यादव अवैध रूप से प्रतियोगिताओं का आयोजन कर रहे हैं:
​समर मि. राजस्थान / कोटा: इस प्रतियोगिता में खिलाड़ियों से लाखों रुपये वसूले गए, जिसके लिए वह अधिकृत नहीं थे।
​बीकानेर प्रतियोगिता (5 अप्रैल): 5 अप्रैल को बीकानेर में प्रस्तावित प्रतियोगिता में प्रति खिलाड़ी 3000 रुपये की भारी फीस वसूली जा रही है। जबकि इस आयोजन का पूरा खर्च 'कम्युनिटी वेलफेयर सोसायटी' उठा रही है। आरोप है कि यह सारा पैसा नवीन यादव की जेब में जा रहा है।
​राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के ट्रायल: राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के चयन ट्रायल के नाम पर भी अवैध रूप से मोटी फीस वसूली जा रही है।
​3. दिव्यांग खिलाड़ियों का भत्ता हड़पने का आरोप:
पूर्व अध्यक्ष पर बीकानेर के वरिष्ठ मूक-बधिर बॉडी बिल्डर हेमन्त जोशी और बूंदी के दिव्यांग बॉडी बिल्डर जसवीर चौधरी के दैनिक एवं यात्रा भत्ते (DA/TA) हड़पने का भी संगीन आरोप है। क्रीड़ा परिषद द्वारा इस बाबत नोटिस दिए जाने पर भी कोई जवाब नहीं दिया गया।
​4. चुनाव में फर्जीवाड़ा (2020):
यह भी आरोप है कि वर्ष 2020 के संघ चुनावों में नवीन यादव ने निर्वाचन प्रमाण पत्र पर राज्य क्रीड़ा परिषद के प्रतिनिधि के फर्जी हस्ताक्षर कर दिए थे, जबकि परिषद ने वहाँ कोई प्रतिनिधि भेजा ही नहीं था।
​12 वर्षों से खिलाड़ी हो रहे हैं परेशान:
राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद ने वर्ष 2016 में ही संघ की मान्यता समाप्त कर दी थी। आरोप है कि नवीन यादव की लापरवाही और कुप्रबंधन के कारण पिछले लगभग 12 सालों से बॉडी बिल्डिंग के खिलाड़ियों को मिलने वाला अनुदान, दैनिक भत्ता और यात्रा भत्ता पूरी तरह बंद है।
​खेल मंत्री और सहकारिता विभाग से अपील:
शिकायतकर्ताओं ने खेल मंत्री (राजस्थान सरकार), अध्यक्ष (राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद) और रजिस्ट्रार (सहकारिता विभाग) से अपील की है कि नवीन यादव और उनके सहयोगियों द्वारा किए जा रहे पद के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं की कड़ी जाँच की जाए। यह माँग की गई है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो ताकि बॉडी बिल्डिंग के खिलाड़ियों को भी अन्य खेलों की तरह भत्ते, अनुदान और सरकारी नौकरियों में 'खेल कोटा' का लाभ मिल सके।