ऑपरेशन सिंदूर में पाक का साथ देना तुर्की को पड़ रहा भारी, राजस्थान में नहीं बिकेगा अब तुर्की का सेब
राजस्थान का अनार-जीरा नहीं जाएगा अब तुर्की
Rajasthan News: बाड़मेर के व्यापारी जीरा और अनार अब तुर्की को नहीं बेचेंगे। बाड़मेर और जालौर जिलों से अनार तुर्की जा रहा था। प्रति वर्ष लगभग 75 टन की खपत थी। तुर्की को भी बाड़मेर से आने वाला जीरा नहीं मिलेगा। यहाँ बाड़मेर में आने वाले तुर्की सेब भी अब आना बंद हो गए हैं। बाड़मेर, बालोतरा और जालौर तीन जिले हैं जहाँ बड़ी मात्रा में अनार की खेती की जाती है। यहाँ से इसे कई देशों में निर्यात किया जाता है। 25-25 टन अनार के तीन कंटेनर तुर्की भेजे जा रहे थे। अब अनार तुर्की को न भेजने का निर्णय लिया गया है।
व्यापारियों ने तुर्की से सेब लेना किया बंद:
कोमिनो डी बाड़मेर के बीजों के दो पात्र भी तुर्की भेजते हैं। बाड़मेर का जैविक जीरा एक दशक से तुर्की से प्राप्त किया जा रहा है। जीरे के व्यापारियों ने भी तुर्की से दूर रहने का फैसला किया है। कृषि उपज मंडी के एक व्यापारी गौतम चमन का कहना है कि बाड़मेर की जीरा तुर्की जाता है। अब इसे बेचा नहीं जाएगा। तुर्की से बाड़मेर की तरफ कोई सेवा अब नहीं है। अहमदाबाद और जोधपुर से बाड़मेर आने वाले सेबों में तुर्की का बहुत सेवन किया जा रहा था।
तुर्की को जीरा देना किया बंद:
इससे पहले तुर्की में बाड़मेर का जीरा जाता था। लेकिन भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के दौरान तुर्की द्वारा पाकिस्तान को अपना समर्थन देने के बाद हमने देश के हित में जीरा भेजना बंद कर दिया है। - गौतम कुमार बोथरा, अध्यक्ष, जीरा मंडी बाड़मेर
बाड़मेर में आने वाले तुर्की सेबों को रोक दिया गया है
देश के साथ-साथ थार के किसान और व्यापारी भी अब देश के साथ हैं। इसलिए अब अनार और जीरा तुर्की को देना बंद क्र दिया है। तुर्की से आने वाले सेब भी बाड़मेर में बंद हो गए हैं।। - डॉ. प्रदीप पगरिया, कृषि विशेषज्ञ

