समाजवादी नेता व्यास की 79वीं जयंती पर किया परमार्थ कार्य
मानवीय पीड़ा के सशक्त पैरोकार थे व्यास
समिति के संयोजक अविनाश व्यास "श्रीधर" ने बताया कि व्यास का संपूर्ण जीवन सदैव लोगों की भलाई के लिए समर्पित रहा। वे समाजवाद के सच्चे सिपाही होने के साथ-साथ मानवीय पीड़ा के सशक्त पैरोकार थे, उनका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणादायक है।
वहीं, सुनील ओझा ने बताया कि यह अभियान प्यासे परिंदों की प्यास बुझाने के साथ-साथ आमजन में जीव चेतना का संचार करेगा। उन्होंने जानकारी दी कि कोई भी व्यक्ति ये मिट्टी के परिंडे सोसायटी के हरोलाई हनुमान मंदिर के पास स्थित कार्यालय से प्राप्त कर सकता है।
जीव सेवा ही सनातनी संस्कृति:
हनुमान मंदिर के पुजारी अजय ओझा ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि मंदिर परिसरों में जीव सेवा से जुड़े ऐसे कार्यक्रम अनवरत होते रहने चाहिए, यही हमारी सच्ची सनातनी संस्कृति है।
सोसाइटी के विकास भादानी ने व्यास जी के संघर्षों को याद करते हुए बताया कि वे जब तक जिए, एक सच्चे समाजवादी सैनिक की तरह जनसेवा में लगे रहे। 'समाजवादी नागरिक मोर्चे' के बैनर तले अन्याय के विरुद्ध धरने और आंदोलन कर उन्होंने हमेशा मजदूरों और शोषितों के हकों की मुखर लड़ाई लड़ी। बीकानेर की जनता उनके इस निस्वार्थ त्याग और संघर्ष को कभी भुला नहीं सकती।
सोसायटी के सभी सदस्यों ने उनके कृतित्व और व्यक्तित्व का स्मरण किया और उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने की बात कही। इस परमार्थ कार्यक्रम में बालमुकुंद आचार्य, लालचंद, राधे जोशी, गौतम पुरोहित सहित कई हनुमान भक्त व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

