TDS rules: बदल गए हैं टीडीएस के नियम, अब इतनी राशि पर नहीं लगेगा एक भी रुपया टीडीएस

TDS New Rules 2025: देश में 1 अप्रैल 2025 से टीडीएस के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। देश में नया वित्त वर्ष शुरू होेने और टीडीएस के नए नियम लागू होने के बाद बैंक द्वारा टीडीएस काटने के नियम भी बदल गए हैं। ज्ञात हो कि केंद्र सरकार टीडीएस (TDS) के नियमों में बदलाव की घोषणा फरवरी में पेश हुए बजट में भी कर चुकी थी। अब देश में नया वित्त वर्ष 2025-26 शुरू होने के बाद करदाताओं को सरकार ने टीडीएस में राहत दी है।
टीडीएस के नए नियमों के ब्याज से कमाई करने वाले करदाताओं को भी फायदा होगा। नया वित्त वर्ष 2025-26 शुरू होने के बाद अब बैंक द्वारा टीडीएस काटने के नियमों में बदलाव हो गया है। टीडीएस से संबंधित नियमों में बदलाव के रूल्स 1 अप्रैल से देश में लागू हो गए हैं। देश में टीडीएस के नए नियम लागू होने से आम नागरिकों को भी टीडीएस के मोर्चे पर बड़ी राहत मिली है।
50 हजार रुपए की ब्याज आय तक अब नहीं देना पड़ेगा एक भी रुपया टीडीएस
देश में टीडीएस के नए नियम लागू होने के बाद अब बैंक द्वारा काटे जाने वाले सालाना 40 हजार रुपये से अधिक के ब्याज आय पर TDS की सीमा बढ़ा दिया है। बैंक अब 50 हजार रुपये से कम ब्याज आय पर किसी प्रकार का टीडीएस नहीं काट सकेंगे। सरकार ने टीडीएस काटने हेतु ब्याज आय की सीमा को 40000 से बढ़ाकर 50000 कर दिया है।
लॉटरी, इंश्योरेंस फिक्स्ड डिपॉजिट, कमीशन और म्यूचुअल फंड्स से होने वाली आए पर लगने वाले टीडीएस में मिलेगी राहत
देश में 1 अप्रैल से टीडीएस के नए नियम लागू हो गए हैं। टीडीएस के नए नियम लागू होने के बाद अब लॉटरी, फिक्स्ड डिपॉजिट, इंश्योरेंस कमीशन और म्यूचुअल फंड्स से होने वाली आय पर टीडीएस कटौती से जुड़े नियमों में हुए अहम बदलाव से लोगों को फायदा मिलेगा। इसके अलावा वरिष्ठ एवं सामान्य नागरिकों के साथ खुदरा निवेशकों और कमीशन से आमदनी करने वाले लोगों को होगा।
फिक्स्ड डिपॉजिट और रिकरिंग डिपॉजिट पर भी बढ़ गई है टीडीएस की सीमा
देश में फिक्स्ड डिपॉजिट और रिकरिंग डिपॉजिट पर टीडीएस की सीमा बढ गई है। TDS के नए नियमों के तहत वरिष्ठ नागरिकों के लिए रिकरिंग और फिक्स्ड डिपॉजिट पर टीडीएस की सीमा बढ़ गई है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए फिक्स डिपाजिट और रिकरिंग डिपॉजिट पर टीडीएस की सीमा को सरकार ने एक लाख रुपये कर दिया है।
पहले यह 50 हजार रुपए थी। अब वरिष्ठ नागरिकों को एक वित्तीय वर्ष में ब्याज से होने वाली एक लाख रुपये तक की आय पर बैंक द्वारा किसी प्रकार का टीडीएस नहीं लगाया जाएगा।