बदहाली के आंसु बहाने के लिए मजबूर शहर की इस कॉलोनी के निवासी

THE BIKANER NEWS. जैसलमेर (कैलाश बिस्सा) स्वर्णनगरी की लक्ष्मीचंद सांवल कॉलोनी बदहाली के आशु बहाने पर मजबूर हो रही है ।लोगो की मेहनत की कमाई से नगर परिषद से क्रय की एक आशियाना होगा आज कॉलोनी में आवास बना लेने के बाद विगत 16 वर्षों से वहां के निवासियों का गंदगी में जीना मजबूरी हो चुका है ।
किसी भी अधिकारी को ज्ञापन देने के बाद भी कानो में जू तक नहीं रेंग पा रही है लक्ष्मीचंद सांवल कॉलोनी के अध्यक्ष महेश कुमार वासु ने हमारे प्रतिनिधि कैलाश बिस्सा को यह नजारा बताया नरकीय जीवन जीने को मजबूर होना पड़ रहा है ।प्रशासन की लापरवाही कहे तो संदेह नहीं किया जाना चाहिए।
वासु का कहना हैलगभग 3700 प्लॉट्स की इस कॉलोनी काटते वक्त नगर परिषद ने प्रचार प्रसार किया करीब इस कॉलोनी के लिए पचास हजार स्वर्णनगरी वाशियो ने आवेदन किया था ।लोगो को यह अपेक्षा थी शहर की अब तक की सबसे बड़ी कॉलोनी समस्त सुविधाओं से युक्त होगी।
किंतु 16 वर्ष व्यतीत के पश्चात मूलभूत सुविधाओं से वंचित है।वर्तमान में 1200 से ज्यादा मकान बन चुके है जिसमें 6000 के लगभग आबादी निवास कर रही है कॉलोनी में सीवरेज की कोई व्यवस्था नहीं है ।पानी की पाइप लाइन का कार्य गत वर्ष शुरू हुआ लेकिन आठ माह से यह कार्य भी बंद पड़ा है।
पार्कों की पर्याप्त रूप से जगह तो रखी है लेकिन एक भी पार्क ऐसा नहीं जिसमें दरवाजा लगा हो दीवारें क्षतिग्रस्त और जर्जर हो रही है ।पर्यावरण की दृष्टिकोण से एक भी पौधा लगाने की उपयुक्त स्थान नहीं। संपूर्ण कॉलोनी की सड़के दर्द से करहारा रही है। चंद घरों को छोड़कर संपूर्ण कॉलोनी में रोड लाइट नदारत है।
असामाजिक तत्वों का खतरा सदा मंडराता रहता है।हाइ मास्ट लाइट टावर 4 माह से सृजित किन्तु विद्युत से नहीं जोड़ा गया। कॉलोनी बने कचरा घर भयंकर बदबू से सराबोर होना पड़ रहा है। कॉलोनी वासियों को आगामी समय भयावह महामारी फैले तो संबंधित विभाग क्या फर्क पड़ेगा ।कॉलोनी वाशियो को भुगतना है।
लक्ष्मीचंद सांवल कॉलोनी विकास समिति के बैनर तले सैकड़ों बार नगर परिषद जैसलमेर के आयुक्त का ध्यान आकृष्ट कर चुके है।किंतु कुंभकर्णीय नींद के चलते इस कॉलोनी वाशियो की सुध लेने वाला कोई नहीं है।शहर के लोकप्रिय विधायक का ध्यान भी इस ओर नही आ रहा है जबकि 3 बार ज्ञापन दिया चुका है । कोई कार्रवाई नहीं हुई ज्ञापन प्रस्तुत के समय अध्यक्ष महेश वासु बाबूलाल लीलावत पीराराम प्रजापत रेवाराम प्रजापत लौटें सिंह भी उपस्थित थे।इस शहर की कॉलोनियों के हालत बदतर हो चुके हैं।
किसी भी अधिकारी और जनप्रतिनिधि की उदासीनतना के चलते कॉलोनी वासियों द्वारा नगरपरिषद द्वारा बसाई कॉलोनी को उनके हाल पर छोड़ दिया है। किसी ने सत्य कहा है अंधेरी नगरी चौपट राजा वाली कहावत निःसंदेह चरितार्थ सिद्ध हो रही है।बड़ी आशाओं के द्वीप संजोए थे इस कॉलोनी वाशियो ने वे सब चकनाचूर होते दिखाई दे रहे है।